आग में झुलसी नाबालिग रेप पीड़िता की दिल्ली के अस्पताल में मौत, पांच आरोपी पुलिस गिरफ्त में

Highlights
– दिल्ली के अस्पताल में बलात्कार पीड़िता इलाज के दौरान तोड़ा दम
– पीड़िता के पिता ने आरोपी के परिजनों पर लगाया आग लगाने का आरोप
– पुलिस ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

बुलंदशहर. जिले के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में तीन महीने पहले दरिंदगी का शिकार हुई एक नाबालिग की मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका के पिता का आरोप है कि उसे आरोपियों ने आग लगाई थी, जो मामले में समझौता करने का दबाव बना रहे थे। वहीं, पुलिस इसे कथित रूप से आत्मदाह का प्रयास बता रही है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है, जिसमें पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
यह भी पढ़ें- रेप पीड़िता का मरने से पहले का वीडियो हुआ वायरल, 43 सेकंड के वीडियो में बताई आपबीती
दरअसल, 15 अगस्त को पीड़िता के पिता ने जहांगीराबाद थाने में तहरीर देते हुए बेटी से दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, एक बगीचे की रखवाली के लिए गांव में आए एक युवक ने उनकी बेटी से दुष्कर्म किया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से आरोपी का चाचा और उसका एक दोस्त पीड़िता पर समझौता करने का दबाव बना रहे थे।
इसी बीच मंगलवार की सुबह लड़की को संदिग्ध परिस्थितियों में आग के हवाले कर दिया गया। परिजन उसे लेकर बुलंदशहर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने हालत को गंभीर बताते हुए दिल्ली के एक अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। लिखित शिकायत देते हुए मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी को आरोपियों ने आग लगाई गई थी। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को नामजद करते हुए घटना स्थल से सबूत एकत्रित किए है। फिलहाल पुलिस इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि दो अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने पर सब इंस्पेक्टर विनायकांत गौतम और कांस्टेबल विक्रांत तोमर को निलंबित किया गया था। वहीं, अब जहांगीराबाद पुलिस स्टेशन के प्रभारी विवेक शर्मा और अनूपशहर के पुलिस अधिकारी अतुल कुमार चौबे और इंस्पेक्टर सुभाष सिंह को लाइनहाजिर कर दिया गया है।
रेप पीड़िता ने मरने से पहले 43 सेकंड के वीडियो में बताई आपबीती
पीड़िता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हाे रहा है, जिसमें आग से झुलसने के बाद पीड़िता आपबीती बयां कर रही है। 43 सेकंड के इस वीडियो में पीड़िता स्ट्रेचर पर लेटी हुई नजर आ रही है। वीडियो में पीड़िता कह रही है कि रात में उसे धमकी दी गई थी। सुबह जबरदस्ती आरोपी के परिजन उसे अपने साथ एक स्थान पर ले गए। जहां उन्होंने दुष्कर्म मामले को खत्म करने और फैसला करने का दबाव बनाया और उससे मारपीट भी की थी। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए थे। इसके बाद वह अपने घर आ गई। अंत में पीड़िता कहती है कि इसके बाद वह आग की चपेट में आ गई थी।
पीड़िता के मामा बोले- पुलिस लापरवाही नहीं बरतती तो आज बच्ची जिंदा होती
वहीं, पीड़िता के मामा का कहना है कि एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी पक्ष लगातार पीड़िता और परिवार पर समझौते के लिए दबाव बना रहा था। नहीं मानने पर धमकियां दी जा रही थीं। इसकी शिकायत पीड़ित परिवार लगातार पुलिस से करता रहा, लेकिन कार्रवाई की जगह सिर्फ आश्वासन ही दिया गया। पीड़िता के मामा के मुताबिक, मंगलवार की सुबह बच्ची घर में अकेली थी। जैसे ही वह कूड़ा फेंकने के लिए बाहर निकली तो चार लोगों ने बच्ची पर पेट्रोल छिड़कर जला दिया। इसके बाद बच्ची को दिल्ली स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पीड़िता के परिजनाें का कहना है कि वह गरीब परिवार से हैं, जबकि आरोपी दबंग हैं। इसलिए पुलिस केवल आश्वासन देती रही, अगर पुलिस ने समय रहते हुए सख्त कदम उठाए होते तो बच्ची की जान बच जाती।
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