Big Breaking: मायावती ने मेरठ महापौर को पति योगेश वर्मा सहित पार्टी से निकाला, कभी बसपा में हुआ करते थे खास

Big Breaking: मायावती ने मेरठ महापौर को पति योगेश वर्मा सहित पार्टी से निकाला, कभी बसपा में हुआ करते थे खास

Highlights:
-Sunita Verma और उनके पति Yogesh Verma को BSP ने पार्टी के बाहर का रास्ता दिखा दिया है
-दोनों को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर पार्टी से बाहर निकाला गया है
-मेरठ जिलाध्यक्ष द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए लेटर पर यह जानकारी दी गई

मेरठ। नगर निगम की महापौर सुनीता वर्मा (Sunita Verma) और उनके पति योगेश वर्मा (Yogesh Verma BSP) को बसपा (BSP) ने पार्टी के बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दोनों को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर पार्टी से बाहर निकाला गया है। मेरठ जिलाध्यक्ष सुभाष प्रधान द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए लेटर पर यह जानकारी दी गई। दरअसल, सुभाष प्रधान के हस्ताक्षर से जारी किए गए पत्र में हस्तिनापुर के पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उनकी पत्नी सुनीता वर्मा (जो कि वर्तमान में मेरठ नगर निगम की मेयर हैं) को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त बताते हुए पार्टी से निष्काषित कर दिया गया।
यह भी पढ़ें : PM Modi ने लगा दी जिस चीज पर रोक, Air India में उसी का हो रहा इस्तेमाल, समाजसेवी ने कर दी शिकायत
इस पत्र में कहा गया है कि इनको पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में कई बार पहले भी चेतावनी दी जा चुकी है। लेकिन इसके बावजूद भी इनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। जिसके कारण इन दोनों का निष्कासन किया गया है। वहीं इस बारे में जब योगेश वर्मा और महापौर सुनीता वर्मा से बात की गई तो दोनों ने इसकी जानकारी होने से इंकार कर दिया।
यह भी पढ़ें: सच हुई मौसम विभाग की भविष्यवाणी, यूपी के इन शहरों में दिखा ‘महा’ तूफान का असर, बारिश के साथ तेजी से गिरा तापमान
बता दें कि योगेश वर्मा वर्ष 2019 में हुए आम चुनाव में बुलंदशहर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। 2 अप्रैल 2018 की हिंसा में भी योगेश वर्मा ने बढ-चढकर भाग लिया था। योगेश वर्मा को बसपा में मायावती के करीबी लोगों में माने जाते थे।
वहीं उनकी पत्नी सुनीता वर्मा जो कि वर्तमान में मेरठ नगर निगम की महापौर हैं, वे भी वंदे मातरम को लेकर काफी चर्चित रही थी। बसपा ने कांटे की लड़ाई में भाजपा से महापौर की ये सीट जीती थी। इस जीत में योगेश वर्मा ने बड़ी जिम्मेदारी निभाई थी। बसपा से निष्कासन की खबर सुनकर दोनों पति-पत्नी सन्न रह गए। वहीं बसपा के प्रदेशाध्यक्ष बाबू मुनकाद अली ने भी इस संबंध में कोई जानकारी देने स्पष्ट रूप से मना कर दिया। बसपा के जिलाध्यक्ष सुभाष प्रधान के मोबाइल पर फोन किया गया तो उनका मोबाइल स्विच आफ आ रहा था।

Related posts