पत्नी ने व्यवसायी पति के पैसे चुरा उसी की सुपारी दी, अवैध संबंधों में बन रहा था बाधा

दिल्ली के भलस्वा डेरी में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रच डाली। इसके लिए उसने डेढ़ लाख रुपये में भाड़े के हत्यारों से पति की हत्या कराने का सौदा तय कर लिया। हत्या के लिए पेशगी के तौर पर दी गई 50 हजार रुपये की रकम भी उसने पति की तिजोरी से ही चुराई थी। पुलिस ने आरोपी महिला विशाखा और उसके प्रेमी अमित को गिरफ्तार कर लिया।
खुलासा : पूरे परिवार की हत्या के पीछे पति-पत्नी और वो की कहानी
पुलिस के अनुसार, 42 साल का प्रमोद भलस्वा डेरी इलाके में रहता था। उसके परिवार में 38 साल की पत्नी विशाखा और तीन बच्चे हैं। प्रमोद की मंगल बाजार रोड पर फर्नीचर की दुकान है। वह 3 जुलाई को अपनी दुकान पर बैठा था, तभी दो युवकों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी। मामले की जांच के दौरान एसएचओ अजय कुमार सिंह और एसआई दीपेंद्र की टीम को पता चला कि हत्यारों ने दुकान से कुछ भी नहीं उठाया था, इसलिए पुलिस को वारदात के पीछे आपसी रंजिश या अवैध संबंध का कारण नजर आया। पुलिस को मौके से कुछ सीसीटीवी फुटेज मिलीं। इन सीसीटीवी फुटेज में गोली चलाने वाले दोनों युवक प्रमोद के घर की तरफ जाते हुए दिखाई दिए। इससे पुलिस को हत्या के पीछे प्रमोद के किसी परिजन के शामिल होने का शक हुआ। इसी आधार पर पुलिस ने उनकी पत्नी विशाखा से सख्ती से पूछताछ की तो उसने गुनाह कबूल कर लिया।
पेशगी के तौर पर 50 हजार रुपये दिए
मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि व्यवसायी प्रमोद की हत्या के लिए अमित ने डेढ़ लाख रुपये में दो बदमाशों के साथ सौदा तय किया। इसके लिए विशाखा ने अपने पति की तिजोरी की नकली चाभी बनवा ली और मौका देखकर तिजोरी में से पचास हजार रुपये निकाल लिए। यही पचास हजार रुपये विशाखा और अमित ने पेशगी के तौर पर दोनों भाड़े के हत्यारों को दे दिए। साथ ही काम होने के एक हफ्ते बाद एक लाख रुपये और देने का भी वादा किया गया था। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार भाड़े के हत्यारों की भी तलाश की जा रही है।
अवैध संबंधों में बाधक बनने पर मरवाया
विशाखा की निशानदेही पर पुलिस ने मंगलवार को उसके दोस्त अमित को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मालूम हुआ कि दो साल पहले विशाखा की मुलाकात पूर्णिया में अपनी भाभी के भाई के साले अमित से हुई थी। दोनों में संबंध बन गए। फिर एक साल पहले विशाखा ने उसे भलस्वा डेरी स्थित अपने घर पर बुला लिया, लेकिन प्रमोद के विरोध के कारण अमित को घर से निकालना पड़ा। बाद में विशाखा ने उसे इलाके में ही कमरा किराए पर दिला दिया। वह खर्च के लिए रुपये आदि भी देती थी, लेकिन टोकाटाकी से तंग आकर विशाखा ने अमित के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रच डाली और 3 जुलाई को दुकान पर बैठे पति की भाड़े के हत्यारों से हत्या करा दी।
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