PM के नाम से वेबसाइट बना फर्जीवाड़ा करने वाला पकड़ा, ऐसे बनाता था शिकार

सीए के छात्र ने एक ऐप के जरिये पैसे कमाने के लिए प्रधानमंत्री के नाम से वेबसाइट बना डाली। ऐप को लोकप्रिय बनाकर रुपये कमाने के लिए वह वेबसाइट का लिंक वायरल करता था। मामला सामने आने पर स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट ने आरोपी रोहित सोनी को राजस्थान के चूरू जिले से गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी अन्येश राय ने बताया कि यूनिट को सूचना मिली थी कि  https://modi-laptop.sarkaari-yojna.in और https://solar-panel.sarkaari-yojna.in/  नाम से वेबसाइट बनी हैं। भारत सरकार के मेक इन इंडिया अभियान के तहत बने होने का दावा करने वाली ये वेबसाइट लोगों को भ्रमित कर उनसे जुड़ी जानकारियां जमा कर रही थीं। सूचना के आधार पर आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर एसीपी आदित्य गौतम की देखरेख में इंस्पेक्टर सज्जन सिंह की टीम गठित की गई। टीम ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिये सुराग हासिल कर आरोपी 23 वर्षीय रोहित सोनी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।
ब्लागर से बना ठग : रोहित ने बीकॉम की पढ़ाई करने के बाद सीए की तैयारी शुरू की। उसने 2016 में ब्लॉग शुरू किया जिससे उसने छह से सात लाख रुपये कमाए। इसके बाद रोहित को एप को वेबसाइट के जरिए लोकप्रिय बना रुपये कमाने का उपाय सूझा और उसने यह वारदात अंजाम दे डाली।
छह रुपये प्रति एप के लिए कर डाला गुनाह
रोहित ने मेक इन इंडिया के तहत होने का दावा करने वाली दो वेबसाइट बनाईं जिसमें लैपटाप एवं फ्री सोलर पैनल देने की बात कही गई थी। उसने वेबसाइट के लिंक को व्हाट्सएप पर शेयर करना शुरू किया। लिंक पर क्लिक करते ही लोगों को अपनी जानकारी साझा करनी होती थी। फिर आगे जाते ही ‘4फन’ नाम का एप डाउनलोड हो जाता था। प्रत्येक डाउनलोड पर रोहित को छह रुपये मिलते थे।
बंद कर दी थी वेबसाइट
साइबर सेल ने इसी तरह से मुफ्त लैपटॉप देने का झांसा देने वाला लिंक शेयर करने के मामले में 3 जून को आईआईटी छात्र राकेश जांगिड़ को गिरफ्तार किया था। यह खबर जानने के बाद रोहित ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी दोनों वेबसाइट बंद कर दी थी पर पुलिस उसतक पहुंच गई।

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