कंचनजंगा पर्वत पर चढ़ाई के दौरान 2 भारतीयों की मौत

दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी कंचनजंगा पर चढ़ाई करने के दौरान दो भारतीय पर्वतारोहियों की नेपाल में मौत हो गई। पीक प्रोमोशन नेपाल, कंपनी के निदेशक पसांग शेरपा ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को गुरुवार को बताया कि इन पर्वतारोहियों की तबीयत 8400 मीटर की ऊंचाई पर चढ़ने के बाद खराब हो गई थी।
शेरपा ने कहा, “भारत के बिप्लब बैद्य और कुंतल करना की पर्वत पर चढ़ाई के दौरान मौत हो गई।” मृतक पर्वतारोहियों के शव को शुक्रवार को काठमांडु लाया जाएगा। छह अप्रैल को पर्वत पर चढ़ाई के दौरान उनके साथ 23 लोगों का एक दल था। 
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इस बीच, चिली का एक नागरिक रोड्रिगो विवानको बुधवार शाम से लापता बताया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, विश्व की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी कंचनजंगा पर चढ़ने के दौरान ऊंचाई संबंधी बीमारियों की चपेट में आने से दो भारतीय पर्वतारोहियों की नेपाल में मौत हो गई। 
इनमें से एक ने कंचनजंगा पर सफलतापूर्वक चढ़ाई भी पूरी कर ली थी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिप्लब बैद्य (48) और कुंतल करार (46) की शिविर चार में बुधवार रात हाइपोथर्मिया और हिमांधता के शिकार हो गए और वहां से उतरते समय उनकी मौत हो गई। 
नेपाल पर्यटन मंत्रालय की ओर से आधार शिविर में तैनात दल की सदस्य मीरा आचार्य ने पीटीआई-भाषा को बताया कि बिप्लब चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ गए थे, लेकिन कुंतल रास्ते में ही बीमार हो गए। नीचे उतरते समय दोनों की मौत हो गई। 
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उनके साथी पर्वतारोहियों ने बताया कि इन दोनों को राहत अभियान चला कर बहुत मुश्किल से आधार शिविर तक लाया गया था।

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