अब हत्या के एंगल से होगी पूर्व काउंसलर की मौत की जांच, जानें वजह

दिल्ली महिला आयोग की पूर्व काउंसलर की मौत के मामले में छह महीने बाद एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस जिस घटना को आत्महत्या मान कर चल रही थी, उस मामले में अदालत ने अब हत्या के नजरिये से मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने पुलिस को कहा है कि वह नए सिरे से मामले की तफ्तीश शुरु करे।
रोहिणी स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मनु गोयल खरब की अदालत ने मृतका 27 वर्षीय ज्योति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश जारी किए हैं। हालांकि इससे पहले भी ज्योति के परिवार की तरफ से लगातार कहा जाता रहा है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। उसकी हत्या की गई है। लेकिन स्पष्ट साक्ष्यों के न होने के चलते इस घटना को आत्महत्या माना जाता रहा। परन्तु घटना के छह महीने बाद नए तथ्य सामने आने पर अदालत ने प्रथमदृष्टया मामले में संदिग्ध परिस्थितियों के मद्देनजर जांच की दिशा मोड़ दी है। इस बाबत मृतका के पिता ने अधिवक्ता प्रशांत मनचंदा के माध्यम से अदालत में याचिका दाखिल की थी। 
घटना से पांच महीने पहले हुई थी शादी : ज्योति की शादी घटना से 5 महीने पहले हुई थी। ज्योति के मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया। पति और ससुराल वालों ने खुदकुशी की बात कही। पुलिस के मुताबिक ज्योति बवाना के दरियापुर की रहने वाली थीं। वह एक एनजीओ की सक्रिय सदस्य थीं। यह एनजीओ दिल्ली महिला आयोग से जुड़ा हुआ है। ज्योति पिछले पांच साल से दिल्ली महिला आयोग के लिए बलात्कार पीड़ितों की काउंसलर थीं। 26 जुलाई 2018 को उनकी शादी संजू से हुुई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा
दिल्ली महिला आयोग की काउंसलर रहीं 27 साल की ज्योति संदिग्ध परिस्थितियों में 18 नवंबर 2018 को घर के अंदर पंखे से लटकी हुई मिलीं थीं। पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना माना गया। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी ज्यादा कुछ सामने नहीं आया। लेकिन तीसरी बार अदालत द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा सलाह लिए जाने पर पता चला कि मृतका के सिर में दो जगह चोट लगी पाई गई थी। एक चोट पुरानी बताई गई, जबकि दूसरी चोट पर कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। अदालत ने इसी चोट के आधार पर इस घटना की हत्या के मद्देनजर जांच के आदेश दिए हैं।

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