Ramadan 2019: इन देशों में रोजा ना रखने पर मिलती है कड़ी सजा, कहीं पड़ते हैं कोड़े तो कहीं होता है देश निकाला

खास बातेंसार्वजनिक स्थान पर खान-पान है मनाकैद और जुर्माने की है सजायूएई में काम करने के घंटे कम कर दिए जाते हैंनई दिल्ली :Ramadan 2019:रमजान का पाक महीना चल रहा है. इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे महीने 29 या 30 दिनों तक रोजे रखते हैं. इसके साथ ही वो पांचों वक्त की नमाज़, कुरान की तिलावत और ज़कात की अदायगी करते हैं. रमजान (Ramzan) के महीने के बाद मीठी ईद या ईद-उल-फितर या फिर ईद उल-फ़ित्र (eid ul fitr) मनाई जाती है. मान्यता है कि रमजान में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं. इस वजह से लगभग सभी मुस्लिम रोजा रखते हैं. लेकिन सफर, बीमारी, गर्भावस्था और मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान लोगों को रोजा ना रखने की इजाजत है. वहीं, मुस्लिम देशों में रोजा ना रखना अपराध माना जाता है. वहां रोजा ना रखने वालों को सजा देने का प्रावधान भी है.Ramadan 2019: इन स्टेटस से करें रमजान के मुबारक महीने की शुरुआतसऊदी अरबइस देश का कानून इस्लामिक कानून के मुताबिक बनाया गया है. यहां सभी मुस्लिम लोगों को रोजा रखना बेहद जरूरी होता है. लेकिन अगर विदेशी या गैर-मुस्लिम व्यक्ति यहां इफ्तार से पहले खाते-पीते, धूम्रपान करते, शराब पीते और तेज आवाज में गाना सुनते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ यहां कड़ी कार्रवाई होती है. इस कार्रवाई के तहत उन्हें कारावास, कोड़े मारने और देश निकाला आदि की सजा दी जाती है. मलेशियामलेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देश में अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति इफ्तार से पहले दिन के समय अपना रोजा तोड़ता है तो उसे धार्मिक पुलिस गिरफ्तार कर लेती है. इसके अलावा मलेशिया में रमजान में कोई भी इफ्तार से पहले खाना या तम्बाकू नहीं बेच सकता, जिस वजह से यहां शाम को ही खाने-पीने की दुकानें खोली जाती हैं. ऐसा ना करने वालों पर RM 1000 से RM 2000(16 हज़ार से 30 हज़ार से अधिक) तक का जुर्माना और एक साल की कैद की सजा या दोनों हो सकते हैं. यह सजा रोजा न रखने वालों और सार्वजनिक स्थान पर खाने-पीने वाले लोगों पर भी लागू होती है. इसके साथ ही रोजे के दौरान खाना बेचने वालों का लाइसेंस बिना पूछे ही रद्द कर दिया जाता है.नमाज के दौरान पिता के कंधे पर चढ़कर बेटी ने ऐसे मारी गुलाटीकुवैतयहां रमजान में मुस्लिम और गैर-मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए सार्वजनिक जगहों पर खाना-पीना, धूम्रपान करना और शराब पीना सख्त मना है. इसके लिए कुवैत में 1968 की कानून संख्या 44 में नियम तोड़ने पर सजा भी तय की गई है, जिसमें व्यक्ति को करीब एक महीने तक की जेल की सजा और 100 कुवैती दीनार (लगभग 23 हज़ार) का जुर्माना अदा करना होता है.टिप्पणियां

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