आखिरी ‘मज़बूत’ कंपनी को बचाने के लिए दो अरब डॉलर चाहिए अनिल अंबानी को…

नई दिल्ली :आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहे बिज़नेस टायकून अनिल अंबानी की आखिरी ‘मज़बूत’ कंपनी की हालत में भी दरार पड़ती दिखाई देने लगी हैं. पांच साल में मुनाफे को दोगुना कर लेने वाले फाइनेंशियल सर्विस व्यापार, यानी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड पर अब तक पूरे ग्रुप पर छाए संकट का असर नहीं पड़ा था, लेकिन देश के पांचवें सबसे बड़े म्यूचुअल फंड को नियंत्रित करने वाली कंपनी अपने 2 अरब डॉलर की एसेट बिक्री को पूरा करने जा रही है, ताकि वित्तीय हालत को सुधारा जा सके, क्योंकि CARE रेटिंग्स के मुताबिक, मार्च महीने तक उसके पास मौजूद नकदी सिर्फ 11 करोड़ रुपये रह गई है. Bloomberg में प्रकाशित रिपोर्ट  के अनुसार, रिलायंस कैपिटल को मई और जून में 252 मिलियन डॉलर का कर्ज़ चुकाना है, सो, मूडी’ज़ इन्वेस्टर्स सर्विस और दो अन्य स्थानीय फर्मों ने उसकी रेटिंग को घटा दिया है, तथा एसेट बिक्री में आ रही अड़चनों, बिगड़ती लिक्विडिटी को वजह करार दिया है. मुंबई स्थित क्रेडिट एडवायज़री कंपनी आदित्य कन्सल्टिंग के मैनेजिंग पार्टनर मैथ्यू एंटनी का कहना है, “अब रिलायंस कैपिटल के संकट को टालने के लिए एसेट्स का बिकना बेहद अहम है… अगर कंपनी में लम्बे समय के लिए इक्विटी के ज़रिये कुछ निवेश नहीं आता है, तो वह दिन दूर नहीं, जब रिलायंस कैपिटल लिक्विडिटी संकट में फंस जाएगी…”टिप्पणियां

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